Just for You ...

आज भि आराहै तेरि याद फिरभि तेरी जाने के बाद समझ ना पाराहा हूं केयसि है तेरी येpyar। कियि थी तूने मिठि मिठि वाद भुलके चालि kyun भुलना ही था तो वादे कि थि kyun। तोढ गयि सारी रसमे जो बनधि pyar कि डोरी से टोढ ना ही था तो kyun राखी थि झुटी कसमे। चाहे भुल गयि तू मुझे वॉर मेरे pyar को आज भि बेकुप चाराहा हुं तेरी झुटि pyar को। झुटि या सही एक दिन तूने भि pyar कि थि मुझसे आज भी वो झुटी pyar को सछ समझ कर जिऱाहा हूं मै उमीद से। झुटि या साही एक दिन pyar किथि तूने मुझसे बदल जाये तेरी ये झुटि pyar सही मै मै जिराहा हूं आज भि येही उमीद मै। दुआ कर राह हूं खुदा से टतेरे लिये हार खुसि वोर मांग राहा हूंआपने लिये तेरी लोबो कि हसि। खुसि से रहे तू सामने तूमेरे साथ मुझे हर खुसि देती है तेरी लोबो कि बात। आजा तू लॉट के आपने pyar के पास पेहले सेखुब pyar करके बुझा दूंगा तेरी हर pyas। ना बुरा मानूंगा ना कुछ ego से चलुगा पेहेले से आछा खुद से jyada तुमहि से pyar कऱुगा। Please try to understand me and come back soon.....


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